आज का जमाना एटीट्यूड का जमाना है। आज सबको बदमाशी दिखाना पसंद है और बदमाशी शायरी पढ़ना भी सबको पसंद है। आप भी ढूंढ रहे हो Badmashi Shayari पर बेहतरीन लेख तो आप एक सही जगह आए हो। हम आपके लिए इस लेख में Badmashi Shayari लेकर आए है। आप भी पढ़े हमारे द्वारा लिखी Badmashi Shayari Attitude, Badmashi Shayari 2 Line, Badmashi Shayari 4 Line आदि।
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Badmashi shayari
देर लगेगी मगर सही होगा,
हमे जो चाहिए वही होगा!
जब आप चलते हैं तो यह सारा जमाना रुक सा जाता है,
मगर जब हम चलते हैं तो याद रखना यह जमाना झुक जाता है!
नकली तूफानों से नहीं डरता हूँ मैं,
ख़ुद को ख़त्म कर देता हूँ, जब तक बदमाशी में हूँ!

कुछ सही तो कुछ खराब कहते है,
लोग हमे बिगड़ा हुआ नवाब कहते है!
यहाँ राज उसी का चलता है,
जिसकी हिम्मत उसकी ताकत से बड़ी होती है।
लोगों ने इतनी कमियां निकली है मुझमे,
कि खूबियों के सिवा कुछ नही बचा है!
शेर पिंजरे में बंद हो तो जोकर कहलाता है
और मैदान में उतरे तो तबाही मचाता है

अपनी हड्डिया बचा के रखनी है
तो मेर से बच के रहना बेटा
उनकी तो क्या इज्जत करना जिनकी
हरकत ही कुत्तो जैसी हो!
एक बात ना भूलना भाई,
किस्मत बदलेगी औकात नहीं!

जिन्हें आज तुम बदमाश मानते हो,
वो कभी चेले थे हमारे!
समझा दो तुम उन समझदारो को
की बदमाश की गली
मै आज भी दहशत हमारे ही नाम की ही है!
पथ पार करना सीखो हद नही, क्योंकि,
हद पार करना आपकी तस्वीर पर हार चढ़ा सकता है।
हाथ में सिर्फ खंजर ही नहीं आँखों में
पानी भी चाहिए,
हमें तो दुश्मन भी थोड़ा बदमाश चाहिए!
Badmashi Shayari Hindi
लायक नहीं हूँ में नालायक हूँ में,
तेरे जैसे भड़वे के लिए खलनायक हूँ में!
हरा कर मुझे कोई मेरी जान भी ले जाए तो मंजूर है मुझको,
मगर मेरी जान याद रखना धोका देने वालो को
फिर मैं मोका नही देता!
रानी नहीं तो क्या हूआ हमारी जिंदगी में यह बादशाह आज भी
लाखों दिलों पर राज करता हैं!
Attitude उतना ही दिखाओ,
जितना तुम्हारे सकल पे सूट करें!
एक ईश्वर राजी रहे बाकी दुनिया
तो ऐसी भी किसी की नही!
हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते हैं
समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते हैं
शेर अगर पिंजरे में बंद हो तो वह शेर भी जोकर कहलाता है,
और मैदान में उतरे तो तबाही मचाता है।
अब ज़रा तुम संभल के बात करना मुझसे,
क्योंकि जो में था
मै रहा नहीं, और जो मैं हूँ वो तुम्हे पता नहीं!
किसी से भी जलना अब हमारी आदत नहीं हम खुद की
काबिलियत से लोगो को जलाते है!
भाड़ में जाये लोग ओर उन लोगो की फालतू बातें,
हम वैसे ही जियेंगे जैसे हम है चाहते!
Badmashi Shayari 2 Line

बेटा माहौल का क्या है,
साला जब चाहे तब बदल देंगे!
हमारा शौक तो तलवार रखने का है,
बन्दुक के लिए तो बच्चे भी ज़िद करते हैं!
हमारे तो दोस्त भी किसी जादुई ताबीज़ से काम नहीं,
गले लगते ही सरे गम खींच लेते है!
क्या कहाँ मेरा खोफ नही है,
नशे में हो या जीने के
शोक नही है!
मै न अपने हिसाब से जीता हूँ, यह बेवकूफ दुनिया मुझे क्या कहेगी,
मुझे घंटा कोई फर्क नहीं पड़ता है!

शेर की भुख ओर हमारा लुक,
दोनो ही जानलेवा है!
दहसत बनाओ तो शेर जैसी बनाओ
क्योंकि डराना तो गली मोहल्ले के कुत्ते भी जानते हैं

जो हर किसी से नहीं होता
वह काम है बदमाशी
ऐरे गैरे लोगों से हम डरते नहीं,
लड़की चाहे कैसी भी हो हम किसी पर भी मरते नहीं!
हर बात का साबुत माँगते हो,
प्यार करते हो तो तुम फिर वकील
क्यों बनते हो!
Badmashi Shayari Attitude
प्यार से बात की तो प्यार ही पाओगे,
अगर दुश्मनी मोल ली तो मारे जाओगे!
जहां से तुम्हारी बदमाशी ख़त्म हो जाती है,
वहा से हमारी बदमाशी शुरू होती है!

जितना मासूम चेहरा है जनाब,
उतनी ही खाराब खोपड़ी भी है!
हम जैसे सिरफिरे ही इतिहास रचते है,
समझदार तो केवल इतिहास पढ़ते है!
नवाब की जिंदगी जीने के लिए नसीब लगता है,
वर्ना हीरो की जिंदगी तो कोई भी जीता है!
याद करोगे तो याद रहोगे,
वरना याददाश्त हमारी भी कमजोर है!
एक बात ना भूलना भाई,
किस्मत बदलेगी औकात नहीं!
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जिस चीज का तुम्हे सबसे ज्यादा खोफ है,
मुझे उसी चीज का शोक है!
रंगों का क्या है जनाब सब बदलते है,
कुछ खतरे से बचने के लिए तो कुछ
खतरा बनने के लिए!
इधर बात ना बने तो
उधर ट्राय मारते है
हम बदमाश है जानेमन हार कहाँ मानते है

यहाँ राज उसका चलता है जिसकी
हिम्मत उसकी ताकत से बड़ी है!
अगर भौकने से दम दिखाया ज़ाता,
तो आज कुत्ते भी शेर होते!
बन्दा खुद की नजर में सही होना चाहिए,
दुनिया तो भगवान से भी दुखी है!
इस दुनिया के सब लोग दिखावे के दीवाने है
और हम है की
सच्चाई मुहँ पर बोल देते है!
हमारे जीने का तरिका थोड़ा अलग है,
हम उम्मीद पर नहीं बल्कि हम तो अपनी जिद पर जीते है!
Badmashi Shayari in Hindi Emoji
जित लो हर हम्हा बीत जाने से पहले,
लौट कर यादे आती है वक्त नहीं!
अब न ख़ुशी है, न ही
कोई दर्द रुलाने वाला,
हम ने अपना लिया है
हर रंग ज़माने वाला!
सुनो! अब भाड़ में जाओ तुम,
जिसका होना है हो जाओ तुम!

एक बात कहनी है दोगले
दम है तो रोक ले!
जिनकी नजरो में हम बुरे है,
वो अपनी आँखे डोनेट कर सकता है!
बदमाशी दिखाई तो उठा लेंगे घर से,
हमारी शख्शियत से तुम वाकिफ ही कहां हों!
Badmashi Shayari Copy
नफरत करके क्यों किसी की एहमियत बढ़ानी,
माफ़ करके उसको शर्मिंदा
कर देना भी बुरा नहीं!
मौत से कह दो की हमे लेने जब भी आए मौत शराफत से आए,
हमारी अदालत में गुरूर
दिखाने वालो को इंसाफ नही मिलता!
हम बस वहां तक शरीफ है,
जहां तक सामने वाला अपनी औकात ना भूले!
किसी से जलाना हमारी आदत नहीं हम खुद की
काबिलियत से लोगो को जलाते है!
Badmashi Shayari bhai

अपने सब यार काम कर रहे है
एक हम हैं की बदमाशी कर रहे है
मैं अपने घर वालो की नही सुनता,
और तुम्हे लगता है मैं तुम्हारी सुनूंगा!
ग़लतफहमी में है बेटा की तेरा राज़ है,
आके देख ले यहाँ कौन किसका बाप है!
देहशत बनाओ तो हमारे जैसे,
वरना खाली डराना तो कुत्ते भी जानते है!
Badmashi Shayari love
ना खौफ ना डर, ये बदमाशी का असर है,
हम तो ताली बजाते हैं जब दुश्मन तकरार करता है!
मै वो इंसान हु जिसको हर कोई इंशान
गिराने पर लगा है,
पर कोई मेरा बाल भी नहीं उखाड़ पाता!
अगर लड़ना हो तो मैदान में आना,
तलवार भी तेरी होगी और गर्दन भी!
प्यार से बात करोगे तो प्यार ही पाओगे,
अगर दुश्मनी मोल ली तो मारे जाओगे!
भाई बदमाश शायरी
हम गले लगाने से लेकर,
घर से उठाने तक का दम रखते है!
दिल का राजा नहीं जानेमन,
पर जिगर इतना तुझे तेरे ही घर से मैं उठवा सकता हूँ!
अक्सर औकात की बात वही किया करते है,
जो कायर हमेशा झुंड में चला करते हैं!
आवाज़ की बात मत कर मेरे सामने,
लोग हमारे ख़ामोशी से ही डर जाते है!
खतरनाक बदमाशी शायरी
मान लिया कि तु शेर है पर मेरे सामने ज्यादा उछल मत,
हम भी शिकारी है, ठोक देंगें!
जब दुशमन तुझे पत्थर मारे तो उसका जवाब तुम फुल से दो,
बस याद रखना की फुल उसकी कबर पर होना चाहिये!
बत्तमीजी दिखने वाले को,
मै झेलता नहीं सीधे पेलता हूँ!
उड़ने दो मिट्टी को आखिर कहाँ तक उड़ेगी,
हवाओं ने जब साथ छोड़ा तो फिर से मिट्टी जमीं पर ही गिरेगी!
दुनिया की भीड़ हो तुम्हे मुबारक,
हम अपना रास्ता खुद बनाते है!
बदमाशी शायरी 1 लाइन
खैरात में मिली हुई
ख़ुशी हमें पसंद ही नहीं है,
क्योंकि हम तो गम में भी नवाब की तरह ही जीते है!
परख ना पाओगे ऐसी शख्सियत मेरी,
उन्ही के लिए बना हूँ मैं
जिनको है कदर मेरी!
हम समंदर हैं हमें खामोश ही रहने दो,
ज़रा मचल गये तो शहर ले डूबेंगे!
जिगर वाले का कभी भी डर से कोई भी वास्ता नहीं होता,
हम वहां भी कदम रखते है जहां रास्ता नहीं होता!
मेरे पास जुनून है तभी तो,
तेरा गुरुर मेरे सामने चकनाचूर है!
बदमाशी शायरी 2 लाइन 2025
हम अपने अंदाज मे जीते है,
ये अपना ज्ञान कही ओर जाके दो!
ऐसा हाल करूंगा ना तेरा की तेरी मर्दों में गिनती होगी,
ना हिजड़ो में भरती होगी!
सुन पगली जितने तेरे गाल गुलाबी है,
उस से जयादा मेरे शोक नवाबी है!
पूरे शहर में नाम चलता है हमारा और फ़ोटो लगे हैं थाने मैं,
शेर जैसा जिगरा चाहिऐ हमको हाथ लगाने मैं!
ज़रा सा वक़्त क्या बदला नज़र मिलाने लगे,
जिनकी औक़ात नहीं थी
वह भी सर उठाने लगे!
राज तो हमारा हर जगह पे है,
पसंद करने वालों के दिल में और,
नापसंद करने वालों के दिमाग में!
बदमाशी शायरी 2 लाइन Haryanvi
माना कि तुझे देखने को लड़के मरते हैं,
पर पगली मुझे देखने को तो लड़कियां जी रही हैं!
शराफत की दुनिया का किस्सा ही ख़त्म,
अब जैसी दुनिया वैसे हम!
कोई गैंग नहीं है मेरी
पहचान, ऐसा है की हर गैंग
का आदमी इस चहरे को
देख के सलाम ठोकता है!
बादशाह हो या मालिक सलामी हम नही करते,
पैसे हो या कोई राजकुमारी गुलामी हम नही करते!
हमारी पहचान आग की तरह है
लोग जहां से गुजर रहे हैं
वहीं लोग फंस गए हैं
चाहने वाले हजार है मेरे ये दो चार
दुश्मनों से फर्क नहीं पड़ता मुझे!
औकात क्या होती है हम बताएंगे,
ज़रा वक्त आने दो सब को नचाएंगे!
न ही गाडी है न ही बुलेट
और न ही कोई हथियार है,
सीने में मेरा जिगरा और
दुसरे मेरे जिगरी यार है!
मेरी बदमाशी मेरी निशानी है,
आओ कभी हवेली पे अगर कोई परेशानी है!
हमारा शौक तो तलवार रखने का है,
बन्दुक के लिए तो छोटे बच्चे भी जिद करते है!
वो हमारी हैसियत पूछते है,
उनकी शख्सियत बिक जाए इतनी हैसियत है हमारी!
सिर्फ जंगल छोड़ा है,
याद रखना शेर तो
आज भी हम ही है!
कोई गैंग नहीं है मेरी पहचान,
ऐसा है की हर गैंग
का आदमी इस चहरे को
देख के सलाम ठोकता है!
पीठ पीछे कोई क्या भोंका है घंटा भी फर्क नहीं पड़ता हमे,
सामने सालो का मुंह तक नहीं खुलता बस इतना ही काफी है!
जिगर रखने वाले का
डर से कोई वास्ता नहीं होता,
हम वहां भी कदम रखते है, जहां रास्ता नहीं होता!
खुदा सलामत रखे उन आँखों को,
इनमे आजकल हम चुभते बहुत है!
गुलाम हूँ अपने घर के संस्कारों का वरना,
तेरी औकात दिखाने
का हुनर मै भी रखता हूँ!
आपसे कुछ कहना था पर बोला नहीं,
मेरी औकात तो यही है
बस यही सच है!
मेरी औकात से ज्यादा बेटा मेरे नाम के चर्चे है और तेरी
उकात से ज्यादा तो
मेरे सिगरेट के खर्चे है!
बदमाशी शायरी पर हमारी akshayari.com.in की टीम द्वारा लिखा गया यह लेख कैसा लगा? आपको हमे जरूर से बताना चाहिए। आपको बदमाशी और एटीट्यूड वाली शायरी पसंद आती है तो आपको यह लेख तो पसंद आया होगा। इस लेख को आप अपने बदमाशी दिखाने वाले दोस्तों के साथ भी शेयर करे।







