इंतजार पर शायरियां तो आपने बहुत पढ़ी होगी लेकिन हम यकीन के साथ कह सकते हैं कि आपने हमारे द्वारा लिखी गई इंतजार शायरियों से बेहतर कहीं पर भी intezaar Shayari नहीं पढ़ी होगी। हम आपके लिए इस लेख में इंतजार पर बहुत ही बढ़िया बेहतरीन यूनिक इंतजार शायरी संग्रह लेकर आए हैं। आप भी इंतजार शायरी के शौकीन हो तो इस लेख को अवश्य पढ़ें।
आपको अपनी जिंदगी में वाकई में किसी खास शख्स का इंतजार है तो इस लेख कि शायरियां आपके दिल को छू जाएगी और आपको इस लेख की शायरियां बहुत पसंद आयेगी। इस लेख में Intezaar Shayari Love, Intezaar shayari in hindi text, 2 line intezaar shayari love, 2 line intezaar shayari on life आदि पढ़नी चाहिए। आप इस लेख की इंतजार शायरी पढ़े और इन बेहतरीन शायरियों का आनंद ले।
Intezaar Shayari

तेरी यादों के दीप जलाए बैठे हैं,
तेरे आने की आस लगाए बैठे हैं..!
तेरे इंतज़ार में नयनों की बरसात हुई,
जब तू आया, जीवन में बहार आई..!
अब और कितना इंतज़ार कराओगी ऐ ज़िंदगी,
मिलो और बातें चार कर कुछ मुद्दे ही सुलझा लो..!
इंतज़ार भी उसका जिसे आना नहीं है,
रात गुजारने का और कोई बहाना भी नहीं है..!

इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है,
खामोशियों की अब आदत हो गयी है..!
अब तो वो अपनी मर्जी से बात करते हैं,
और हम उनकी मर्जी का इंतजार करते हैं..!
तेरा इंतज़ार करना भी तो एक इबादत बन गया है..!
मोहब्बत अगर सच्ची हो,
तो इंतज़ार भी खूबसूरत लगता है..!

उसके इंतजार में दिल बेचैन रहता है,
हर लम्हा बस उसका ख्याल रहता है..!
इंतजार की भी अपनी एक अदा होती है,
ये वही लोग जानते हैं जिनके दिल में सबके लिए वफ़ा होती है..!
डर लगता है ये सोचकर कि
कहीं वे मिले तो क्या होगा
जिनकी इंतज़ार में मैं जिंदा हूं..!

तेरा इंतज़ार हर घड़ी करते हैं,
खुद से ज्यादा तुझे प्यार करते हैं..!
इश्क की राहों में सब्र का खेल है,
तेरे इंतज़ार में हर दिल झेल है..!
यूँ पलके बिछा कर तेरा इंतज़ार करते हैं,
यह वो गुनाह है हमारे लिए जो हम अपनी जिंदगी में बार बार करते हैं..!
किश्तों में खुदखुशी कर रही है ज़िन्दगी,
इंतज़ार तेरा मुझे पूरा मरने भी नहीं देता..!
दिन भर भटकते रहते हैं हमारे यह अरमान तुझसे मिलने के,
न ये दिल ठहरता है हमारा और न तेरा इंतज़ार रुकता है..!
वो न आएगा हमारी जिंदगी में फिर से हमें मालूम था इस शाम भी
इंतिज़ार उस का मगर हम कुछ सोच कर करते रहे..!
एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यूँ है,
इनकार करने पर चाहत का इकरार क्यूँ है..!
इक रात वो गया था जहाँ बात रोक के
अब तक रुका हुआ हूँ मैं वहीं अपनी रात रोक के..!
Intezaar Shayari in Hindi
जिस की आँखों में कटी थीं सदियाँ
उस ने सदियों की जुदाई दी है..!
कहीं वो आ के मिटा दे न इंतज़ार का लुत्फ़
कहीं क़ुबूल न हो जाए इल्तिजा मेरी..!

तेरे आने की क्या उम्मीद मगर
कैसे कह दूँ कि इंतिज़ार नहीं..!
मैं इंतज़ार का कायल न था
मगर तुम ने,
लगा दिया मुझे दीवार से घड़ी की तरह..!
अगर खोजूँ तो कोई मुझे मिल ही जाएगा,
लेकिन तुम्हारी तरह मुझे कौन चाहेगा..!
हम हैं रहे-उम्मीद से बिल्कुल परे परे
अब इंतज़ार आपका कोई करे! करे..!
Intezaar shayari Hindi
आँखों को इंतज़ार की भट्टी पे रख दिया
मैंने दिये को आंधी की मर्ज़ी पे रख दिया..!
मरने के बाद भी मेरी आँखें खुली रहीं,
आदत जो पड़ गयी थी तेरे इंतज़ार की..!
मेरा तुझसे लड़ना तो एक बहाना है,
मुझे तो तेरे साथ सिर्फ वक्त बिताना है..!
उसे पाना नहीं है मेरी इस
तकदीर में शायद,
फिर भी अपनी जिंदगी के हर मोड़ पर उसका इंतज़ार क्यूँ है..!
किश्तों में ख़ुदकुशी कर रही है ये ज़िन्दगी
इंतज़ार तेरा, मुझे पूरा मरने भी नहीं देता..!
तेरे बिना हर पल अधूरा लगता है,
इंतज़ार में हर लम्हा अधेरा लगता है..!
ग़ज़ब किया तिरे वअ’दे पे ए’तिबार किया
तमाम रात क़यामत का इंतिज़ार किया..!
Intezaar shayari on life
अब कैसे कहूं कि तुझसे प्यार है कितना
तू क्या जाने तेरा इंतज़ार है कितना..!
आदतन तुमने कर दिए वादे,
आदतन हमने ऐतबार किया,
तेरी राहों में हर बार रूककर,
हमने अपना ही इंतज़ार किया..!
तेरे लौट आने की मैं हर रोज़ ऊपरवाले से दुआ करता हूँ,
इंतज़ार में तेरे खुद को भूला करता हूँ..!
ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता
अगर और जीते रहते यही इंतिज़ार होता
आँखों को इंतज़ार की भट्टी पे रख दिया,
मैंने दिये को आँधी की
मर्ज़ी पे रख दिया.,

तेरे इंतज़ार में बैठा हूँ मैं,
तुझे याद कर कर के जीता हूं।
इंतज़ार मेरी सज़ा बन गयी है,
तेरी यादों को धुंधला कर गयी है।

तेरे लौट आने की उम्मीद गंवाए बैठा हूं,
अब भी तुझ से दिल लगाए बैठा हूं।
2 line Intezaar Shayari
इंतज़ार की राहों में, दर्द कम है,
तेरी यादों से सहने सब सितम है।
हर आहट पर तेरा गुमान होता है,
इंतज़ार का भी अपना सम्मान होता है।
मुझे इंतज़ार करना बेहद पसंद है,
क्योंकि ये वक़्त उम्मीद से भरा होता है.,
वो हर शाम का तुम्हारा इंतज़ार करते करते,
तुम्हारे बग़ैर भी तुम्हारे ही साथ गुज़र जाना.,
जलाकर हसरत की राह पर चिराग आरजू के,
हम तन्हा रातों में तेरे मिलने का हम इंतजार करते हैं.,

तेरी हर एक बात याद आती है,
फिर तेरा इंतज़ार और बढ़ जाता है…
किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इंतज़ार को तुम्हें,
बेजुबां है इश्क़ मेरा ढूंढ़ता है खामोशी से तुझे.,
जब मेरी सच्ची मोहब्बत रंग लाएगी,
इंतज़ार की घड़ियां तब गवाही बन जाएगी।
2 line intezaar shayari on life
इंतज़ार के इस मौसम में सूनापन साथ है,
वो नहीं बस उसकी याद साथ है।
तेरी राह तकते तकते थक गए
अब तो आ भी जाओ, बहुत दिन हो गए।
हर उस लम्हा तुझे सोचा है,
जिस पल मैने तुझे खोया है।
इंतज़ार की हदों को पार कर जाऊं,
तेरी राह देखते देखते कही मर ना जाऊं।
कभी किसी का जो होता था इंतजार हमें,
बड़ा ही शाम -ओ -शहर का हिसाब रखते थे.,
Intezaar Shayari Love
उस जगह कभी भी मत जाएं जहा इस दुनिया के लोग आपको बर्दास्त करते हो
उस जगह जाए आप जहा लोग आपका आपका इंतज़ार करते हो.,
कितना भी कर लो नज़रअंदाज़,
हम तो वहीं हैं… तेरा इंतज़ार करते हुए!
हम सुरत पर नहीं सिरत पे मरते है,
उनसे कहना तुम्हारा हुसन अगर ढल भी जाए तो मेरे पास लौट आना.,
कुछ रोज़ यह भी रंग रहा मेरी जिंदगी में तेरे इंतज़ार का,
आँख उठ गई जिधर बस उधर देखते रहे.,
ये सर्द हवाएं मुझसे यह कहती है कि दिसम्बर आ गया है,
मुझे उन बाहों की गर्माहट का इंतज़ार अपनी जिंदगी में आज भी है.,
तेरे वादे पर ऐतबार करते हैं,
इंतज़ार में तेरी उम्र गुज़ार देते हैं।
इंतज़ार की आग में जलते रहेंगे,
तेरी यादों के फूल ज़िंदगी भर महकते रहेंगे।
तू आएगा, बस इसी आस में बैठे हैं,
मत पूछ तेरे बिना सांस कैसे लेते है।
इंतज़ार शायरी दर्द भरी
इंतज़ार भी अजीब चीज़ होती है,
जिसे ना आना हो हमारी जिंदगी में उसी की आस होती है।
इंतज़ार से तेरे मेरे अंदर डर बसता है
हर आहट पर तेरा नाम लगता है।
दिल की उम्मीदों का हौंसला तो देखो,
इंतजार उसका जिसको अहसास तक नहीं.,
चले भी आओ तसव्वुर में मेहरबां बनकर,
आज इंतज़ार तेरा, दिल को हद से ज्यादा है.,
जीने की ख्वाहिश में हर रोज मरते हैं,
वो आये न आये हम इंतजार करते हैं.,
संभव ना हो तो साफ मना कर दें,
पर किसी को कभी भी अपने लिए इस तरह इंतजार ना करवाएं !
मैं आज भी तेरा इन्तजार कर रहा हूँ,
बस एक बार लौट आओ मेरे पास !
प्यार में इंतज़ार शायरी
किसी रोज होगी रोशन मेरी भी जिंदगी,
इंतजार सुबह का नहीं तेरे लौट आने का है !
किन लफ्जों में लिखूँ मैं अपने इंतजार को तुम्हें,
बेजुबां है यह इश्क मेरा
ढूँढता है बड़ी खामोशी से तुझे !
कितने अनमोल होते है अपनों के रिश्तें,
कोई याद ना भी करे तो भी उन्ही का इंतजार रहता है !
इंतजार है मुझे जिन्दगी के आखिरी पन्नों का,
सुना है अंत में सब ठीक हो जाता है !
जुल्फों पे बिखरी हैं शमा का नशा,
इस इंतजार में भी है एक दिलकश अदा.,
तेरी राहों में नजरें बिछाए बैठे हैं,
आज भी तुझसे ये दिल समझाए बैठे हैं।
इंतज़ार में बीती सारी उम्र मेरी,
अब मेरे सब्र का इम्तेहान के रही।
इंतज़ार शायरी दर्द भरी 2 line
इंतज़ार में हर पल सजाया है,
तेरी गैरहाज़िरी में भी तुझे अपना बताया है।
कभी तो मेरी चाहतों का सिला मिलेगा,
इंतज़ार का मौसम भी एक दिन ढलेगा।
इंतज़ार की हदों को पार कर जाऊं,
तेरे बिना खुद को कितना तड़पाऊं।
किन लफ्जों में लिखूँ अपने इन्तजार को मैं,
मेरा बेजुबां इश्क़ तुझे
बड़ी खामोशी से ढूँढता है.,
मेरी इन आंखों का इंतज़ार तुम पर
आकर ही तो खत्म होता है,
फिर चाहे वो हकीकत हो या ख्वाब !
इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है,
खामोशियों की अब आदत हो गयी है !
वो न आयेगा हमें मालूम था,
मगर कुछ सोच कर करते रहे इंतज़ार उसका !
फरियाद कर रही है यह तरसी हुई निगाह,
देखे हुए किसी को ज़माना गुजर गया !
इंतज़ार शायरी 4 लाइन
हर शाम इंतज़ार रहता है तेरा,
रातें कटती हैं ले-ले कर नाम तेरा,
हम कबसे बैठे हैं ये आस पाले,
कभी न कभी तो आएगा कोई पैगाम तेरा.,
मेरे इस दिल में फिर कोई भी दूसरा कभी नहीं आया,
मुझे अपने आप पर भरोसा ही कुछ ऐसा था
तुम्हारे लौट आने का.,
तेरी हर बात आज भी याद आती है,
इंतज़ार में ये रात भी बहुत रोती और फिर सो जाती है..!
तेरे इंतज़ार में ये दिल बेक़रार है,
हर पल तुझसे मिलने को बेकरार है..!
तड़प के देखो किसी की चाहत में,
तो पता चलेगा, कि इंतज़ार क्या होता है..!

तेरे बिना ये दिल अधूरा सा लगता है,
तेरी यादों में ही मेरा सवेरा होता है..!
क्यों किसी से इतना प्यार हो जाता है,
एक पल का बहुत इंतज़ार भी
दुश्वार हो जाता है..!
इंतज़ार की घड़ियाँ अब भारी लगती हैं,
तेरे बिना ये दुनिया सुनी लगती है..!
दिल के कोने से एक आवाज़ आती है,
हमें हर पल आपकी याद आती है..!
हाँ, तेरा इंतज़ार है,
हर लम्हा, हर घड़ी बस तेरा इंतज़ार है..!
तेरे बिना तन्हा हूँ मैं इस भीड़ में,
तेरे इंतज़ार में डूबा हूँ हर एक गीत में..!
वो पल जब तू साथ थी, याद बहुत आते हैं,
तेरे इंतज़ार में अब अश्क ही साथ निभाते हैं..!

तेरे बिना हर मौसम सूना लगता है,
इंतज़ार में ये दिल रोता रहता है..!
तू लौट आ, मेरी यह दुनिया फिर से हँस पड़े,
इंतज़ार की घड़ियाँ अब और ना कटें..!
तुझसे मिलना है इस दिल की जिद बन गई,
इंतज़ार अब मेरी आदत बन गई..!
अब जो पत्थर है आदमी था कभी,
इस को कहते हैं इंतिज़ार मियाँ..!
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